राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अब टिन्नू और मनीष पर पुलिस का शिकंजा, जेल में हुई पूछताछ, कस्टडी रिमांड की तैयारी तेज
Ram Mandir Donation Controversy
Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी के मामले में अब चंपत राय के बेहद करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव पर शिकंजा कसा जा रहा है। पुलिस ने जेल में ही जाकर दोनों से लंबी पूछताछ की। मामले की जांच में जुटे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने दोनों से जांच में सामने आए सबूत दिखाकर तथ्यों का सत्यापन किया। इस दौरान फुटेज, बरामदगी रकम-सामान, पूर्व में दर्ज बयान समेत अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर कई अहम बिंदुओं पर सवाल जवाब कर राज उगलवाए। अब दोनों की कस्टडी रिमांड भी लेने की तैयारी कर ली गई है। अदालत में इसके लिए प्रार्थनापत्र दिया गया है। शुक्रवार को अदालत इस पर सुनवाई करेगी। मामले में गिरफ्तार आठ में से छह आरोपियों को कस्टडी में लेकर सबूत जुटाए गए हैं। केवल टिन्नू और मनीष की ही अभी तक कस्टडी नहीं मांगी गई थी।
टिन्नू ही माना जा रहा मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में अभी तक टिन्नू ही चढ़ावा चोरी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मनीष यादव उसका भतीजा है, जिसकी तैनाती गणनाकर्मी के रूप में टिन्नू ने ही कराई थी। विवेचक ने दोनों से नियुक्ति प्रक्रिया, गणना में उनकी जिम्मेदारियों और चोरी की साजिश में उनकी भूमिका पर विस्तार से पूछताछ की। विवेचक ने चोरी की योजना, हर आरोपी की भूमिका, धनराशि के बंटवारे, नकदी को मंदिर परिसर से बाहर निकालने के तरीके, अन्य कर्मचारियों की संभावित भूमिका, अन्य आरोपियों के पुलिस के समक्ष दिए बयानों के संबंध में भी पूछताछ की। साथ में पुलिस अब तक एकत्र दस्तावेजी, डिजिटल और अन्य साक्ष्यों का आरोपियों के बयानों से मिलान कर जांच बढ़ा रही है।
सीसीटीवी में आई चोरी की तस्वीरों पर पूछताछ
टिन्नू और मनीष से पूछताछ के दौरान 27 अप्रैल से पांच जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज का भी सत्यापन कराया गया। जांच में इस अवधि के दौरान करीब 70 बार चढ़ावे से नकदी निकालने की घटनाएं सामने आई थीं। फुटेज में मनीष यादव और अविनाश शुक्ला खुले नोटों को अलग कर छिपाते दिखाई दिए थे। अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय उनकी मदद करते दिख रहे थे। पुलिस ने यह भी जानने का प्रयास किया कि कैमरों की नजर से बचने के लिए किसकी योजना पर कार्य किया जाता था और इसमें अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी। चढ़ावे की राशि बाहर निकालने में आरोपी सफल कैसे हो जाते थे।
गणना कक्ष के सटे बाथरूम में मिले रुपये पर हुए सवाल
विवेचक ने गणना कक्ष से सटे बाथरूम से बरामद 2.25 लाख रुपये के संबंध में भी दोनों आरोपियों से सवाल किए। जांच में पहले यह तथ्य सामने आ चुका है कि बाथरूम में धनराशि रखने में मनीष यादव की महत्वपूर्ण भूमिका थी। पुलिस ने सवाल पूछा कि बाथरूम में रुपये छिपाने की योजना किसने बनाई थी। क्या रोजाना इस तरह की योजना पर आरोपी अमल करते थे।
बिना आदेश सभी चाबियां खुद रखता था टिन्नू
जिला कारागार में पूछताछ के दौरान रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित हुंडियों की चाबियों की अभिरक्षा को लेकर भी सवाल किए गए। जांच में तथ्य सामने आया था कि ट्रस्ट के प्रतिनिधि के रूप में चाबियां उसके पास रहती थीं, जबकि इस संबंध में कोई औपचारिक प्राधिकार या लिखित आदेश जांच के दौरान नहीं मिला था। पुलिस ने चाबियों के संचालन, गणना प्रक्रिया और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं पर भी टिन्नू से जानकारी जुटाई।
टिन्नू-मनीष की मांगी सात दिन की कस्टडी रिमांड
चोरी प्रकरण की जांच और बरामदगी को लेकर पुलिस ने मामले के दो आरोपियों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव की सात दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की है। मामले के विवेचक और क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में विशेष अभियोजन अधिकारी के माध्यम से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा और बरादमगी होने की संभावना है। इसी उद्देश्य से दोनों से अभिरक्षा में लेकर विस्तृत पूछताछ की अनुमति मांगी गई है। अदालत ने पुलिस के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए शुक्रवार की तिथि तय की है। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने तर्क रखेंगे।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय कस्टडी रिमांड पर निर्णय सुनाएगा। इससे पहले इसी प्रकरण में पुलिस छह अन्य आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। रिमांड के दौरान सभी आरोपियों से घटना की योजना, चढ़ावे की धनराशि के लेन-देन, साक्ष्यों के सत्यापन तथा अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की गई थी।